Wednesday, March 02, 2016

294. कहाँ लाए हो पिया

कहाँ लाए हो
पिया

अलग सारे
शहर मुहल्ले

कहाँ लाए हो
पिया

कैसे गुज़ारे
पहर निठल्ले

कहाँ लाए हो
पिया

लाए हो
पिया
कहाँ लाए हो
पिया

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देखी नहीं थी
पहले कभी यूँ

सर उठाए रंग शाखे
रह गयी दंग आँखें

गहने कई
पहना गयी
आके बहारें
ज़ेवर इनके गल्ले

कहाँ लाए हो
पिया

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हल्की सी आँखें
भारी सी यादें

बेवजह तंग आँखें
उलझी पतंग आँखें

उड़ न सकें
मुड न सकें
तू ही बता रे
ठहरें या निकल लें

कहाँ लाए हो
पिया

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A song talking about the marvel and the discomfort, right after moving. :)
PS: Spring is beautiful.

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